Wednesday, September 26, 2018

बच्चे के साथ दोहा से हैदराबाद जा रहे थे माता-पिता, उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि लैंड करने से

शनल डेस्क, नई दिल्ली. दोहा से हैदराबाद आ रही कतर एयरवेज की फ्लाइट में बुधवार को एक 11 महीने के बच्चे की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, बच्चे को बीच रास्ते में ही सांस की परेशानी हो गई थी। फ्लाइट के हैदराबाद लैंड होते ही बच्चे के माता-पिता उसे अपोलो मेडिकल सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे का नाम अरनव वर्मा अल्लूरी बताया गया है।

- कतर एयरवेज ने अपने बयान में कहा- 'हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज सुबह बच्चे के निधन की खबर दुखद है। बच्चे के परिवार के लिए हमारी संवेदनाएं।' पुलिस ने बच्चे की मौत की जो वजह बताई, उसपर माता-पिता भरोसा नहीं कर पा रहे थे। नेशनल डेस्क, नई दिल्ली. राजधानी के अशोक विहार इलाके में बुधवार को तीन मंजिला इमारत ढह गई। हादसा स्वर्ण पार्क के पास हुआ। यहां कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ की दो टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक नौ लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है।
नेशनल डेस्क। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की रहने वाली रूबी आज करोड़ों महिलाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं। बच्चा होने के बाद चेन्नई की रहने वाली हाउसवाइफ रूबी का वजन बेहद बढ़ गया था। बच्चा अब छह साल का हो चुका था। बढ़ते वजन पर रूबी के पति ने भी उन्हें ताने मारने शुरू कर दिए। रूबी ने बढ़ते वजन को चुनौती की तरह लिया। रूबी ने मीडिया से बातचीत में बताया,” मेरे पति ने मुझसे कहा कि वह मेरे वजन के कारण मुझमें रुचि खो रहे हैं। तब मुझे अहसास हुआ कि अपनी फिटनेस का ख्‍याल रखना है। इसके बाद मैंने पैदल चलना शुरू किया, जिससे मैंने अपना का
नेशनल डेस्क. सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता पर अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ आधार को मान्यता दी। कोर्ट के मुताबिक मोबाइल को आधार से लिंक करना जरूरी नहीं है वहीं आधार को बैंक से लिंक करना भी जरूरी नहीं है। इससे पहले कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में SC/ST आरक्षण पर भी फैसला सुनाया। कोर्ट ने 2006 में दिए अपने फैसले पर दोबारा विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने इस मामले को राज्यों पर छोड़ दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य सरकारें चाहे तो वे प्रमोशन में आरक्षण दे सकती हैं।
आधार पर कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें :
कहां जरूरी नहीं-
# मोबाइल को आधार से लिंक करना जरूरी नहीं है।
# आधार को बैंक से लिंक करना भी जरूरी नहीं है।
# स्कूलों में आधार लिंक करना जरूरी नहीं है।
# CBSE, NEET और UGC आधार लिंक जरूरी नहीं कर सकते हैं।
# प्राइवेट कंपनियां आधार नहीं मांग सकती हैं।
कहां जरूरी-
# आयकर दाखिल करने में आधार जरूरी।
# पैन कार्ड के लिए आधार देना होगा।
# सरकारी योजनाओं में लाभ लेने के लिए आधार जरूरी।
फी वजन कम लिया। रूबी को मिसेज चेन्नई का पुरस्कार भी जीत चुकी हैं।
नेशनल डेस्क। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की रहने वाली रूबी आज करोड़ों महिलाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं। बच्चा होने के बाद चेन्नई की रहने वाली हाउसवाइफ रूबी का वजन बेहद बढ़ गया था। बच्चा अब छह साल का हो चुका था। बढ़ते वजन पर रूबी के पति ने भी उन्हें ताने मारने शुरू कर दिए। रूबी ने बढ़ते वजन को चुनौती की तरह लिया। रूबी ने मीडिया से बातचीत में बताया,” मेरे पति ने मुझसे कहा कि वह मेरे वजन के कारण मुझमें रुचि खो रहे हैं। तब मुझे अहसास हुआ कि अपनी फिटनेस का ख्‍याल रखना है। इसके बाद मैंने पैदल चलना शुरू किया, जिससे मैंने अपना काफी वजन कम लिया। रूबी को मिसेज चेन्नई का पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 'आधार' पर सुनाया बड़ा फैसला, कुछ शर्तों के साथ दी मान्यता, जानिए आधार कहां जरूरी होगा और कहां नहीं

Monday, September 10, 2018

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई चाहता है तमिलनाडु

मिलनाडु की ई पलनीसामी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी ठहराए गए सात लोगों को रिहा कराने के लिए प्रस्ताव पास किया है.
राज्य की कैबिनेट इस दोषियों को रिहा करने की सिफ़ारिश राज्यपाल के पास भेजेगी. ये सातों दोषी पिछले 27 सालों से जेल में बंद हैं.
2014 में प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने इनकी रिहाई का फ़ैसला किया था पर केंद्र सरकार ने इसे ख़ारिज कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने सातों दोषियों की रिहाई पर राज्यपाल को फ़ैसला लेने के लिए कहा था. राज्य सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर ही प्रस्ताव पास किया गया है.
राजीव गांधी की हत्या धानु नाम की एक आत्माघाती महिला हमलावर ने की थी. वो महिला एलटीटीई की सदस्य थी. एलटीटीई सशस्त्र विद्रोही समूह था जो श्रीलंका में तमिलों के लिए एक अलग देश की मांग कर रहा था.
तमिलनाडु के मतस्य पालन मंत्री डी जयकुमार ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा, ''हमलोग ने फ़ैसला किया है कि सातों दोषियों की रिहाई के लिए राज्यपाल के पास सिफ़ारिश भेजेंगे. यह सिफ़ारिश संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत भेजी जाएगी. राज्यपाल इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि उनके पास कोई विक्लप नहीं होगा.''
शुरुआत में राजीव गांधी की हत्या में 26 लोगों को फांसी की सज़ा मिली थी. बाद में कइयों की मौत की सज़ा आजीवन क़ैद में तब्दील हो गई थी. इस मामले में राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी और बेटे राहुल गांधी ने भी मौत की सज़ा को आजीवन क़ैद में तब्दील करने में मदद की थी.
21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक चुनावी रैली के दौरान आत्मघाती हमलावरों ने हत्या कर दी थी.
ये हत्यारे श्रीलंका से आए थे. तभी से इंसाफ़ का पहिया आहिस्ता-आहिस्ता घूमता रहा है. इस मामले में जिन्हें सज़ा सुनाई गई, वे 27 साल से सलाखों की पीछे हैं.
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के विंडसर शहर में रहने वाली 33 साल की एलिज़ाबेथ ब्रूक और उनके 32 वर्षीय पति एडम ब्रूक इस बात से बेहद खुश हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ अडॉप्शन प्रोग्राम (गोद लेने का कार्यक्रम) दोबारा शुरू करने की सिफ़ारिश की है.
एलिज़ाबेथ जब 14 साल की थीं तब उन्हें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो गया था. इस बीमारी की वजह से एलिज़ाबेथ कभी गर्भधारण नहीं कर सकतीं.
वे कहती हैं, ''इस कार्यक्रम ने हमारे लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है, हम अपना परिवार शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं.''
यह एक इत्तेफ़ाक ही है कि जब एलिज़ाबेथ को अपने प्रजनन के बारे में जानकारी मिली, उसी समय उन्होंने टीवी पर बॉलीवुड फ़िल्म राजा हिंदुस्तानी देखी थी.
एलिज़ाबेथ कहती हैं, ''उस फ़िल्म ने मेरे दिमाग में भारत की एक अलग ही छवि बना दी. मुझे भारतीय खाना, कपड़े और फ़िल्में पसंद आने लगा. उसके बाद मैं अपनी बहन के साथ भारत गई, फिर अपने पति एडम के साथ भी दो बार भारत गई. हमने तय किया था कि हम भारत से एक बच्चा गोद लेंगे.''
अक्टूबर 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ चलने वाले अडॉप्शन प्रोग्राम पर रोक लगा दी थी. दरअसल उस समय ऐसे आरोप लगे थे कि इस इंटर-कंट्री अडॉप्शन प्रोग्राम के तहत बच्चों की तस्करी हो रही है. इस तस्करी के पीछे भारत की कुछ जानी मानी कंपनियों का नाम सामने आया था.
इसके बाद भारत ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 और अडॉप्शन रेग्युलेशन 2017 के तहत भारत में दूसरे देशों के नागरिकों के लिए बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया में सख्त कर दिया.
एलिज़ाबेथ का परिवार काफ़ी उदार विचारधारा वाला रहा है और वे अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों के बीच बड़ी हुई हैं. एलिज़ाबेथ कहती हैं, ''ऑस्ट्रेलिया में भारत का बच्चा गोद लेने वाला कार्यक्रम शायद इस साल के अंत तक शुरू हो जाए, अगर सबकुछ ठीक से होता है तो आने वाले तीन साल में हमारे पास बच्चा होगा.''
ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ एंड वेलफ़ेयर (एआईएचडब्ल्यू) की 2016-17 की रिपोर्ट के अनुसार किसी जोड़े के लिए दूसरे देश का बच्चा गोद लेने में औसतन 2 साल 9 महीने तक का वक़्त लगता है.
एलिज़ाबेथ और एडम ने भारत की सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स ऑथोरिटी (सीएआरए) की तत्काल प्लेसमेंट श्रेणी के तहत दो या तीन बच्चों को गोद लेने के बारे में सोचा है.
वैसे तो ऑस्ट्रेलिया-भारत इंटरकंट्री अडॉप्शन प्रोग्राम दोबारा शुरू होने को है लेकिन इस बीच ऑस्ट्रेलिया में सोशल सर्विस विभाग के प्रवक्ता ने बताया है कि इस कार्यक्रम के तहत अभी कोई अपील दर्ज़ नहीं की जा रही है.
प्रवक्ता के अनुसार, ''फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन को इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने के लिए एक नई प्रक्रिया का गठन करना होगा, इसमें अभी थोड़ा वक़्त लगेगा. तभी भारत के पास यहां से बच्चा गोद लेने के आवेदनों को भेजा जा सकेगा. कोई भी कार्यक्रम जिसे दोबारा शुरू किया जाता है उस पर प्रशासन अपनी कड़ी नज़र रखता है ताकि कहीं कोई गड़बड़ी ना हो जाए.''

Wednesday, September 5, 2018

छेड़छाड़, प्रताड़ना और पाबंदी... कैंपस हुआ ठप

त्तीसगढ़ के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में हफ़्ते भर से 'आज़ादी' के नारे गूंज रहे हैं.
यूनिवर्सिटी में पढ़ाई-लिखाई और परीक्षा स्थगित है और 'पिंजरा तोड़ो' की मांग करते हुए सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की सीढ़ियों पर जमे हुए हैं.
इनकी मांग है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले लड़के-लड़कियों को 24 घंटे कैंपस के भीतर कहीं भी आने-जाने की छूट मिले. इसके अलावा विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी भी 24 घंटे खुली रखी जाए. साथ ही विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की बैठकों की कार्रवाई सार्वजनिक की जाए.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली लड़कियों की यौन प्रताड़ना के लिये जिम्मेवार शिक्षकों को जांच तक निलंबित रखा जाए.
मांगों की एक लंबी फ़ेहरिश्त है और आरोप हैं कि विश्वविद्यालय प्रबंधन इन मांगों को अनसुना कर रहा है. लेकिन विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति रविशंकर शर्मा इन आरोपों से इंकार कर रहे हैं.
शर्मा कहते हैं, "प्रदर्शनकारी छात्र अपनी 17 मांगों को लेकर हमारे पास आए थे और हमने उसी समय 15 मांगों को पूरी तरह से मान लिया था. विश्वविद्यालय में लड़कियों या लड़कों के हॉस्टल और कैंपस को रात भर खुला रखने के मुद्दों पर भी मैंने यही कहा है कि यह नीतिगत मामला है और सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों पर विचार करने के बाद ही फ़ैसला लिया जा सकता है."
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और भारत के उपराष्ट्रपति रहे मोहम्मद हिदायतुल्ला की स्मृति में साल 2003 में स्थापित इस आवासीय विश्वविद्यालय में एलएलबी ऑनर्स और एलएलएम की पढ़ाई होती है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर इस विश्वविद्यालय के कैंपस में लड़के और लड़कियों के हॉस्टल भी हैं, जहां देश भर के चयनित छात्र रहते हैं.
शुरू से ही अलग-अलग विवादों में घिरे इस विश्वविद्यालय में ताज़ा विवाद की शुरुआत 27 अगस्त को हुई, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर डॉक्टर सुखपाल सिंह की दोबारा नियुक्ति को अवैध मानते हुए उनकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया.
डॉक्टर सुखपाल सिंह के दूसरे कार्यकाल की नियुक्ति को विश्वविद्यालय के ही एक प्रोफ़ेसर अविनाश सामल ने चुनौती दी थी.
जिस दिन हाईकोर्ट का फ़ैसला आया, उसी शाम विश्वविद्यालय कैंपस में स्थित लड़कियों के हॉस्टल के गेट पर रात साढ़े दस बजे के बाद ताला बंद करने पर प्रदर्शन शुरू हो गया.
रात भर प्रदर्शन चला और फिर अगले दिन प्रदर्शन के साथ कुछ और मांगें जुड़ती चली गईं.
दो दिन बाद राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में विधि विभाग के प्रमुख सचिव रविशंकर शर्मा को प्रभारी कुलपति बनाया. शर्मा की छात्रों से बातचीत भी हुई, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे.
इस पूरे विवाद पर विश्वविद्यालय में स्टूडेंट बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष स्वाति भार्गव कहती हैं, "हमने पिछले साल भी छात्रों के हक़ में कुछ मुद्दे उठाए थे. उस समय हमारी मांगों पर विचार करने की बात कही गई थी. लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए इस बार हमने तय किया कि जब तक हमारी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे."
स्टूडेंट बार एसोसिएशन के उप संयोजक आकांश जैन का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और एक भी मामले में कोई कार्रवाई होती नज़र नहीं आई. प्रभारी कुलपति ने हमारी मांगों को सुना ज़रूर, लेकिन पिछले सात दिनों में कोई भी मांग पूरी नहीं हुई.
इमेज कॉपीरइट  क्षिण भारत की एक छात्रा ने बताया कि उन्हें शिक्षक ने अपने सामने नाच कर दिखाने पर पांच दिन की उपस्थिति यूं ही दर्ज करने का प्रलोभन दिया. एक अन्य छात्रा ने अपने शिक्षक पर परीक्षा में पास करने के बदले अपने कमरे में बुलाने का आरोप लगाया.एक अन्य छात्रा ने कहा, "एक शिक्षक की बात नहीं मानने पर मेरे घर आधी रात को फ़ोन कर कह दिया गया कि मैं रात को बाहर घूमती हूं, शराब पीती हूं, ड्रग्स की आदि हूं. मेरे पिता को कहा गया कि वो मुझे यहां से ले जाएं. ईश्वर का धन्यवाद है कि मेरे माता-पिता मुझ पर भरोसा करते हैं. लेकिन क्या यह मानसिक प्रताड़ना किसी को भी अवसाद में डालने के लिए काफ़ी नहीं है?"
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति रविशंकर शर्मा मानते हैं कि ऐसी शिकायतें उनके सामने आई थीं और प्रदर्शनकारी छात्र सार्वजनिक तौर पर ऐसी शिकायतों पर बात करना चाह रहे थे.
शर्मा के अनुसार, ''मैंने छात्रों को पीड़ित छात्राओं के नाम सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया और उनसे कहा कि जो भी मामले हैं, उसकी लिखित में जानकारी दी जाए जिससे कार्रवाई की जा सके. लेकिन मुझे अब तक एक भी शिकायत नहीं मिली है."
हालांकि विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति रविशंकर शर्मा इससे इंकार करते हैं. वे कहते हैं, "हमने 17 में से 15 मांगें मान ली हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन के लिए थोड़ा समय तो चाहिए. कैंपस को 24 घंटे खुला रखने के मुद्दे पर भी हमने कार्य परिषद में बात रखने का आश्वासन दिया था. लेकिन जाने क्यों छात्र अड़े हुए हैं. "
विश्वविद्यालय में स्टूडेंट बार एसोसिएशन के प्रचार-प्रसार प्रभारी अच्युत तिवारी का कहना है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राओं ने यौन प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. पिछले दो दिनों में 76 लड़कियों ने लिखित में अपनी शिकायत दर्ज कराई है.
अच्युत तिवारी कहते हैं, "जब शिक्षक लड़कियों को प्रताड़ित कर रहे हैं, तब आप लड़कियों से यह अपेक्षा कैसे रख सकते हैं कि वे उनकी कक्षा में बैठ कर पढ़ाई करें? हम चाहते हैं कि इस तरह के तमाम मामलों की जांच हो और जांच पूरी होने तक आरोपी शिक्षकों को निलंबित किया जाए."
एक छात्रा ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "मेरे शिक्षक मेरे कपड़ों को लेकर, परफ़्यूम को लेकर, शैंपू को लेकर क्लास रूम में टिप्पणी करते रहे हैं. मुझे बार-बार कहा गया कि मैं केवल उन पर भरोसा करूं, उनके कमरे में अकेले आऊं. मेरे सहपाठी के साथ बैठने पर कहा गया कि तुम दोनों के बीच क्या रिश्ता है, क्या शादी करने वाले हो?"

Monday, September 3, 2018

यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब मिलेगा भाषाओं का सटीक अनुवाद

फेसबुक में रिसर्चर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कम संसाधनों वाली भाषाएं जैसे ऊर्दू और बर्मी के सरल और सटीक अनुवाद का तरीका विकसित किया है. एक जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से मिली है.
फोर्ब्स के मुताबिक, महत्वपूर्ण खोज को एम्पिरिकल मेथड्स इन नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग या  में पेश किया जाएगा. फेसबुक के लिए ये खोज महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि सोशल मीडिया कंपनी दुनिया भर में यूजरों को उनकी पसंदीदा भाषा में पोस्ट पढ़ने में मदद के लिए ऑटोमैटिक लैंग्वेज ट्रांसलेशन का इस्तेमाल करती है.
मौजूदा मशीनी अनुवाद प्रणाली कुछ भाषाओं में इंसानी स्तर के प्रदर्शन को हासिल कर सकती है, लेकिन उसके पास सीखने के लिए विभिन्न भाषाओं में एक ही वाक्य का अपार संग्रह होना चाहिए.
फेसबुक AI रिसर्च (FAIR) डिवीजन की टीम मशीन ट्रांसलेशन (MT) सिस्टम को ट्रेनिंग देने में कामयाब रही है. इसमें विकिपीडिया जैसी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वेबसाइट्स से विभिन्न भाषाओं के विभिन्न टेक्स्ट को फीड किया गया है. सबसे अहम यह है कि ये वाक्य एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं.
फेयर के पेरिस रिसर्च लैब के प्रमुख और शोधकर्मी एंटनी बोर्डस ने कहा कि एक समानांतर संग्रह तैयार करना बहुत जटिल काम है क्योंकि इसके लिए दोनों भाषाओं में पारंगत लोगों की जरूरत होती है. मसलन, पुर्तगाली/नेपाली का समानांतर संग्रह तैयार करने के लिए इन दोनों भाषाओं में पारंगत लोगों की जरूरत होती है और यह बेहद कठिन काम है. श के कई हिस्सों में बाढ़ और बारिश से हाहाकार मचा हुआ है. अभी तक देश के दक्षिणी हिस्से से लगातार दिल दहलाने वाली खबरें आ रही थीं, लेकिन अब उत्तरी राज्यों में भी कुदरत ने अपना रुख बदला है.
उत्तराखंड के मसूरी से रविवार को भारी बारिश से हाहाकार मचा गया. राज्य के मसूरी में केम्पटी वाटरफॉल के पानी ने प्रलय का रूप अख्त‍ियार कर लिया. स्थानीय लोगों की मदद से पर्यटकों वहां से बाहर निकाला गया. इस दौरान वाटरफॉल के आसपास की दुकानों में पानी भर गया. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने केम्पटी फॉल का रास्ता बंद कर दिया है.
सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि असम, अरुणाचल के बाद काफी लंबे समय तक हुई बारिश के कारण सड़कें तालाब में बदल गईं. उत्तर प्रदेश के शामली में एक तस्वीर सामने आई जहां अंडरपास में कई घंटों तक ट्रैक्टर समेत अन्य कई वाहन फंसे रह गए. यूपी के ही ललितपुर में बेतवा नदी पर ईरेक बांध के पास करीब 8 मछुआरे फंस गए. वायुसेना ने वहां जाकर रेस्क्यू किया.
प्रदेश में जानलेवा बनी बारिश की वजह से 16 लोगों की मौत हो गई तथा 12 अन्य जख्मी हो गए हैं. राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान वज्रपात तथा बारिश के कारण मकान गिरने इत्यादि वर्षाजनित हादसों में कुल 16 लोगों की मौत हो गई. इनमें शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा छह लोगों की मौत हो गई.भगवान श्री कृष्ण के बांके बिहारी रूप और बाल लीलाओं के लिए विख्यात मथुरा जिले के वृंदावन में लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं. इसी वृंदावन में एक ऐसी जगह भी मौजूद है जिसको लेकर मान्यता है कि वहां हर रात भगवान  श्री कृष्ण और राधा रास रचाने आते हैं.निधिवन के नाम से पहचानी जाने वाली इस जगह को लेकर कई ऐसी मान्याताऐं हैं, जिन पर विश्वास करना कठिन है. जानिए निधिवन की मान्यताओं और उससे जुड़ी रोचक कहानियों के बारे में.निधिवन में मौजूद पंडित और महंत बताते हैं कि हर रात भगवान  श्री कृष्ण के कक्ष में उनका बिस्तर सजाया जाता है, दातून और पानी का लोटा रखा जाता हैं. जब सुबह मंगला आरती के लिए पंडित उस कक्ष को खोलते हैं तो लोटे का पानी खाली, दातून गिली, पान खाया हुआ और कमरे का सामान बिखरा हुआ मिलता है. पौराणिक मान्यता है कि निधिवन बंद होने के बाद भी यदि कोई छिपकर रासलीला देखने की कोशिश करता है तो वह पागल हो जाता हैं. मंदिर के महंत और आसपास के लोग इससे जुड़े कई किस्से सुनाते हैं. दावा ये भी किया जाता है कि वहां मौजूद पशु-पक्षी भी शाम होते ही, वन छोड़ देते हैं.निधिवन में मौजूद पेड़ भी अपनी तरह के बेहद खास हैं. जहां आमतौर पर पेड़ों की  शाखाएं ऊपर की और बढ़ती है, वहीं निधि वन में मौजूद पेड़ों की शाखाएं नीचे की और बढ़ती हैं बढ़ती हैं. इन पेड़ों की स्थि‍त ऐसी है कि रास्ता बनाने के लिए उनकी शाखाओं को डंडों के सहारे फैलने सो रोका गया हैं.ऐसी मान्यता है कि जो रात में होने वाले भगवान श्री कृष्ण और राधा के रास को देख लेता है वो पागल या अंधा हो जाता हैं. इसी कारण निधिवन के आसपास मौजूद घरों में लोगों ने उस तरफ खिड़कियां नहीं लगाई हैं.
कई लोगों ने अपनी खिड़कियों को ईंटों से बंद करा दिया है. आसपास रहने वाले लोगों के मुताबिक शाम सात बजे के बाद कोई इस वन की तरफ नहीं देखता.निधिवन में ही ठा. बिहारी जी महाराज का दर्शन स्थल हैं. मान्यता है कि संगीत सम्राट और धुरपद के जनक स्वामी हरिदास भजन गाया करते थे. माना जाता है कि बांके बिहारी जी ने उनकी भक्ति संगीत से प्रसन्न होकर एक सपना दिया. सपने में कहा कि मैं तुम्हारी साधना स्थल में ही विशाखा कुंड के पास जमीन में छिपा हूं. सपने के बाद हरिदास जी ने अपने शिष्यों की मदद से बिहारी जी को निकलवाया और मंदिर की स्थापना की.