Monday, October 8, 2018

तबाबी ने रजत जीता, ओलिंपिक स्तर पर पदक जीतने वाली पहली जुडोका बनीं

ब्यूनस आयर्स. थांगजाम तबाबी देवी ओलिंपिक स्तर पर जूडो में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं हैं। उन्होंने तीसरे यूथ ओलिंपिक में यहां महिलाओं की 44 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता। इस वर्ग का स्वर्ण पदक वेनेजुएला की मारिया गिमिनेज ने हासिल किया। मारिया ने फाइनल में मणिपुर की रहने वाली तबाबी को 10-0 से हराया। तबाबी कैडेट वर्ग में एशियाई चैम्पियन रह चुकी हैं।
भारत अब तक ओलिंपिक स्तर पर सीनियर या जूनियर स्तर पर जूडो में कभी भी पदक नहीं जीत पाया था। 16 साल की तबाबी ने सेमीफाइनल में क्रोएशिया की एना विक्तोरिजा पुलजिज को 10-0 से हराया था।
इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में भूटान की यांगचेन वांगमो को 10-0 से हराकर आखिरी आठ में जगह बनाई थी। क्वार्टर फाइनल में तबाबी ने कोसोवो की इरजा मुमिनोविक को हराया था।
भारत के इस यूथ ओलिंपिक गेम्स में अब दो पदक हो गए हैं। इस टूर्नामेंट में भारत को पहला पदक तुषार माने ने दिलाया था। उन्होंने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में रजत पदक जीता था।
राष्ट्रीय चैम्पियन श्रीहरि नटराज पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल के लिए क्लालिफाई नहीं कर पाए। वे क्ववालिफाइंग के सेमी में नौवें स्थान पर रहे, जबकि शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाले ही फाइनल में पहुंचते हैं। नटराज ने 56.48 सेकंड का समय निकाला। यह उनकी हीट की टाइमिंग 56.75 सेकंड से बेहतर था।
नटराज ने 56.48 सेकंड का समय निकाला। यह उनकी हीट की टाइमिंग 56.75 सेकंड से बेहतर था। भारत की ओर इस यूथ ओलिंपिक में 47 एथलीट्स भाग ले रहे हैं। यह अब तक का उसका सबसे बड़ा दल है।फुटबॉल के प्रतिष्ठित अवॉर्ड बेलेन डि ओर के लिए नामित 15 खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी गई है। अर्जेंटीना और बार्सिलोना के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी को इसमें जगह नहीं मिली है। अभी 15 और खिलाड़ियों के नाम शामिल होने बाकी हैं। रियल मैड्रिड के गारेथ बेल और मैनचेस्टर सिटी के केविन डी ब्रुएन इसमें शामिल हैं।

युवेंटस और पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी जगह बनाने में सफल रहे हैं। बेल ने लिवरपूल के खिलाफ चैंपियंस लीग के फाइनल में दो गोल किए थे। बेल्जियम के डी ब्रुएन को अपने क्लब को ईपीएल चैंपियन बनाने और देश की टीम को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए शामिल किया गया है।

नामित खिलाड़ी: गारेथ बेल, केविन डी ब्रुएन, सर्जियो एगुएरो, एलिसन बेकर, करीम बेंजेमा, एडिनसन कवानी, थिबोत कोर्टोइस, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, रॉबर्टो फरमिनो, एंटोनियो ग्रिजमैन, इस्को, इडेन हजार्ड, हैरी केन, एनगोलो कान्टे और डिएगो गोडिन।
ब्यूनस आयर्स. तुषार साहू माने के 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत जीतने के बाद भारत की महिला राइफल निशानेबाज मेहुली घोष ने यहां यूथ ओलिंपिक गेम्स में सोमवार को सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वे ओलिंपिक स्तर पर पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गईं। मेहुली से पहले ओलिंपिक में सीनियर या जूनियर किसी भी स्तर पर कोई भी भारतीय महिला शूटर पदक नहीं जीत पाई थी। मेहुली के रजत पदक जीतने पर ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले और इकलौते भारतीय अभिनव बिंद्रा ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी।
मेहुली मामूली अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं। उन्होंने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में 24वें और आखिरी शॉट पर 9 का स्कोर किया। इसी कारण उनके हाथ से स्वर्ण पदक निकल गया।
भारतीय निशानेबाज ने 248 के स्कोर के साथ रजत जीता, जबकि डेनमार्क की स्टेफनी ग्रैंसोई ने 248.7 के स्कोर के साथ स्वर्ण जीता। भारत का इन खेलों की निशानेबाजी में यह दूसरा रजत है। मेहुली ने क्वालिफाइंग में 628.8 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था।
मेहुली ने फाइनल में 22वें शॉट पर 10.7 का स्कोर किया और 0.8 की बढ़त बना ली। आखिरी शॉट के समय उनके पास 0.6 की बढ़त थी। मेहुली का आखिरी शॉट 9.1 था, जबकि स्टेफनी का आखिरी शॉट 10.4 था। इसी कारण मेहुली को रजत से संतोष करना पड़ गया।